मंगलवार 30 जून 2026 - 04:28
दूसरों की संपत्ति पर नज़र न रखने का प्रभाव

इमाम सज्जाद (अ) ने एक रिवायत में दूसरों के धन और संपत्ति की लालसा छोड़ने को अच्छाइयों और भलाई का मूल स्रोत बताया है।

हौज़ा न्यूज़ एजेसी के अनुसार निम्नलिखित रिवायत किताब अल काफ़ी से ली गई है। इस रिवायत का पाठ इस प्रकार हैः

امام سجاد علیه‌السلام:

رَأَیْتُ الْخَیْرَ کُلَّهُ قَدِ اجْتَمَعَ فِی قَطْعِ الطَّمَعِ عَمَّا فِی أَیْدِی النَّاسِ.

इमाम सज्जाद (अ) ने फरमाया:

"मैंने देखा कि सारी भलाई और अच्छाई इस बात में समाहित है कि इंसान लोगों के पास जो कुछ है, उसकी लालसा और लोभ को पूरी तरह छोड़ दे।"

अल-काफ़ी, भाग 2, पेज 320।

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